मुख्य सामग्री पर जाएँ
TaxColony
EN

एडवांस टैक्स: किसे और कब भरना है

अगर TDS के बाद साल का आपका टैक्स ₹10,000 या उससे ज़्यादा बनता है, तो इसे साल के दौरान किस्तों में भरें: 15 जून तक 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75% और 15 मार्च तक 100%।

✓ सत्यापितअंतिम सत्यापन:

टैक्स कॉलोनी एक स्वतंत्र शैक्षिक साइट है, कर सलाहकार या फाइलिंग सेवा नहीं। कार्रवाई से पहले आधिकारिक स्रोत या पेशेवर से पुष्टि करें।

Read in English

एडवांस टैक्स का मतलब है कि आप आयकर साल ख़त्म होने के बाद एक साथ नहीं, बल्कि उसी साल के दौरान भरते हैं जिसमें आमदनी हो रही है। जिन वेतनभोगियों की कोई और आमदनी नहीं है, उनका टैक्स आमतौर पर नियोक्ता के TDS से कट जाता है। फ़्रीलांसर, कारोबारी, किराया पाने वाले और बड़े कैपिटल गेन वाले निवेशकों को अक्सर एडवांस टैक्स भरना पड़ता है।

क्या आपको भरना है?

अगर TDS और TCS घटाने के बाद साल का अनुमानित टैक्स ₹10,000 या उससे ज़्यादा है, तो एडवांस टैक्स भरना होता है। यह 1961 के अधिनियम की धारा 208 है, जो आयकर अधिनियम, 2025 में धारा 404 है।

वरिष्ठ नागरिक: 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के निवासी वरिष्ठ नागरिक, जिनकी कारोबार या पेशे से आमदनी नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स नहीं भरना होता (आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 403(3))।

कर वर्ष 2026-27 की तारीखें

इस तारीख तक अब तक कुल भरा हुआ
15 जून 2026 साल के टैक्स का 15%
15 सितंबर 2026 45%
15 दिसंबर 2026 75%
15 मार्च 2027 100%

अनुमानित आय योजना (44AD / 44ADA): अगर आप कारोबार या पेशे की आमदनी के लिए यह योजना अपनाते हैं, तो पूरी रकम 15 मार्च तक एक किस्त में भर सकते हैं। यह 44AE (माल ढोने वाले वाहन) पर लागू नहीं है।

कैसे निकालें

  1. पूरे साल की आमदनी का अनुमान लगाएँ: वेतन, कारोबार या फ़ीस, किराया, ब्याज और कैपिटल गेन।
  2. उस पर टैक्स निकालें। आयकर कैलकुलेटर मदद कर सकता है (अंग्रेज़ी में)।
  3. जो TDS और TCS कटने की उम्मीद है, उसे घटाएँ। यह आप अपने AIS में देख सकते हैं।
  4. अगर बची रकम ₹10,000 या उससे ज़्यादा है, तो ऊपर की किस्तें भरें।
  5. हर तिमाही अनुमान दोबारा देखें। अगली किस्त के प्रतिशत तक जितना कम है, सिर्फ़ उतना भरना होता है।

कैसे भरें

ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर e-Pay Tax से ऑनलाइन भरें और भुगतान का प्रकार “Advance tax” चुनें। चालान संभालकर रखें, क्योंकि रिटर्न में उसकी जानकारी भरनी होती है।

देर से या कम भरने पर

कम या देर से भरने पर ब्याज लगता है। आयकर अधिनियम, 2025 के तहत:

  • धारा 424 (पहले 234B): अगर 31 मार्च तक तय टैक्स का 90% से कम भरा, तो कमी पर 1 अप्रैल से हर महीने या उसके हिस्से पर 1% साधारण ब्याज लगता है।
  • धारा 425 (पहले 234C): 15%, 45% या 75% वाली किस्त में कमी पर उस कमी का 3%, और 100% वाली किस्त में कमी पर 1% लगता है। अगर 15 जून तक कम से कम 12% और 15 सितंबर तक 36% भर दिया है, तो ब्याज नहीं लगता।

रिटर्न भरने से पहले बाकी रकम सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स के रूप में भर देने से आगे ब्याज नहीं बढ़ता।

स्रोत

  1. Income-tax Act, 2025 (Act No. 30 of 2025), Gazette of India
  2. Income Tax Department e-filing FAQ: tax payments

अंतिम सत्यापन: 5 Nov 2026

संबंधित (English)